August 15, 2018

प्रिय सभी वैज्ञानिकों, तकनीकी एवं प्रशासनिक कर्मचारियों, छात्रों, कैम्‍पस स्‍कूल के छात्र- छात्राओं, भाइयों और बहनों, देवियों एवं सज्‍जनों।

भाषण शुरु करने से पहले, भारत के 72वें स्वतंत्रता दिवस के इस शुभअवसर पर मैं आप सभी का हार्दिक स्‍वागत करता हूँ एवं अपनी शुभ कामनाएं देता हूँ ।

धर्म, जाति, पंथ और क्षेत्र की विभिन्‍नता के बावजूद प्रत्‍येक भारतीय द्वारा यह दिन उल्‍लासपूर्वक मनाया जाता है ।

विविधता में एकता की यह भावना ब्रिटिश शासन से स्‍वतंत्रता प्राप्ति का मूल कारण था । यह वह भावना है जो पिछले 71 वर्षों से हमारे देश को एक इकाई के रूप में अक्षुण्‍ण रखा है । यह वहभावना है जो हमारे देश को आर्थिक और सैन्‍य के क्षेत्र में महाशक्तिशाली देश के रूप में बनाया है । यह भावना एक दिन में नहीं बनी और पनपी है बल्कि स्‍वतंत्रता संग्राम की अवधि के दौरान हमारे नेताओं की कडी मेहनत एवं दूरदर्श्तिा द्वारा इस भावना को सही दिशा प्रदान की गई ।

महात्मा गांधी और उनके साथिओं ने सभी विविध परिवेश के लोगों में एकता के प्रति आत्मविश्वास पैदा किया और इसे अहिंसा के मार्ग के माध्यम से स्वतंत्रता और आजादी के लिए सबसे बड़ी आवश्यकता बताई।नेताजी सुभाष चन्‍द्र बोस ने सिखाया कि हमें मातृभूमि के लिए बलिदान और अपने देश को मुक्त करने के लिए जो भी हम कर सकते हैं वो करें , यहां तक कि हमें ब्रिटिश राज से स्वतंत्रता की लड़ाई के लिए खून, पसीना बहाना होगा ।हम भगत सिंह, खुदीराम बोस, और चंद्रशेखर आजाद के बलिदान को कभी नहीं भूल सकते, जिन्होंने अपने जीवन के शुरुआत में ही अपने देश के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिएँ।

हम बहुत भाग्यशाली हैं क्योंकि हमारे पूर्वजों ने हमें ऐसी शांति की भूमि दी हैं जहां हम डर के बिना पूरी रात सो सकते हैं और पूरे दिन हमारे स्कूल या हमारे घर में आनंदपूर्वक अपना कार्य कर सकते हैं।

हमारा देश प्रौद्योगिकी, शिक्षा, खेल, वित्त और अन्य क्षेत्रों में 7.2 प्रतिशत जीडीपी के साथ तेजी से विकास कर रहा है।आजादी से पहले ब्रिटिश शासन के अंतर्गत यह असंभव था।जिस समय ब्रिटिश भारत आए थे उस समय विश्व के सकल घरेलू उत्पाद में भारत का जीडीपी हिस्सा बहुत अधिक था परंतु जब 1948 में बिट्रिश भारत छोड़ कर चले गए तब भारत का जीडीपी बहुत कम हो गया था ।

हमें हमारी सरकार चुनने और दुनिया में सबसे बड़ा लोकतंत्र का भागीदारी का आनन्‍द लेने अधिकार है। देश के एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में, हमें हमेशा देश में किसी भी आपातस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए और दैनिक जीवन में अपना कर्तव्य करना चाहिए ।

हमें भ्रष्ट आचरण और राजनीतिक हस्तक्षेप से सावधान रहना चाहिए क्‍योंकि यह राष्ट्रीय एकता के ताने बाने को समाप्त कर सकता है। कुछ गैर राष्ट्रीय ताकत भ्रष्टाचार और आतंकवाद का उपयोग कर रहे हैं, जिनका उद्देस्य देश के विकास और आर्थिक समृद्धि को समाप्त करना है। आज भ्रष्टाचार और आतंकवाद के खिलाफ एक जुट होने के लिए हमारी प्रतिज्ञा को स्‍मरण करने का सबसे उपयुक्त दिन है। सहयोग, भाईचारे और एकता के कारण भारत की आजादी संभव हो पाई थी। हमें धर्म निरपेक्षता में विश्वास करना चाहिए और हमें सदैव एक जुट होकर रहना चाहिए ।

हम सब भारतीय हैं इसलिए हमें भारत के लिए कार्य करना चाहिए । भारत के विकास के लिए कार्य करना हमरा कर्तव्‍य है । हमें अपना कार्य गंभीरता से करना चाहिए और लक्ष्‍य की प्राप्ति के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए और इस लोकतांत्रिक राष्‍ट्र को सफल नेतृत्‍व प्रदान करना चाहिए ।

आइए आज हम यह प्रतिज्ञा करें:

  1. हम अपने देश के निर्माण के लिए प्रतिदिन समयबद्ध रुप से अपना कर्तव्य करेंगे।
  2. हम जीवन के सभी क्षेत्रों में भ्रष्टाचार मुक्त रहेंगे ।
  3. हम जाति, पंथ औरधर्म का विचार किये बिना सबकी सहायता करेंगे और सामाजिक कार्य करेंगे।
  4. जब हम किसी भी कार्य के लिए विदेश जाते हैं, तो हमें अपने राष्‍ट्र की गरिमा एवं उच्‍च सम्‍मान को बनाए रखना चाहिए ।

जय हिन्द!

प्रो. शुद्धसत्‍व बसु, निदेशक
सीएसआईआर-आईएमएमटी, भुवनेश्‍वर