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News & Events »सीएसआईआर- आईएमएमटी में हिन्‍दी पखवाड़ा – 2018 


सीएसआईआर- आईएमएमटी में हिन्‍दी पखवाड़ा – 2018 From 04th - 14th September 2018

 

खनिज एवं पदार्थ प्रौद्योगिकी संस्‍थान, भुवनेश्‍वर में हिन्‍दी पखवाड़ा समारोह 4 से 14 सितम्‍बर, 2018 के दौरान बड़ी धूमधाम एवं राष्‍ट्रीय गरिमा के साथ मनाया गया । डॉ अशोक कुमार साहु, मुख्य वैज्ञानिक, खनिज संसाधन विभाग ने संयोजक के रूप में इस समारोह का आयोजन कुशलतापूर्वक किया । इस पखवाड़े के दौरान संस्‍थान के कर्मचारियों, शोध छात्रों एवं बच्‍चों के लिए हिन्‍दी में विभिन्‍न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं ।

संस्‍थान के कर्मचारियों के बच्‍चों के लिए उनकी कक्षाओं के आधार पर विभिन्‍न श्रेणियों के अंतर्गत कविता पाठ एवं निबन्‍ध प्रतियोगिता आयोजित की गई । सभी प्रतियोगिताओं को भाषा के आधार पर दो समूहों में आयोजित किया गया – हिन्‍दी भाषी एवं हिन्‍दीतर भाषी । स्‍कूली बच्‍चों के लिए निबन्‍ध का विषय था – वर्षा ऋतु एवं आप बड़े होकर क्‍या बनना चाहते हैं । विभिन्‍न प्रतियोगिताओं में 40 बच्‍चों ने बड़े उत्‍साह के साथ भाग लिया । कर्मचारियों के लिए निबंध , टिप्‍पण-प्रारूपण, आशु भाषण और हिन्‍दी कविता पाठ हिन्‍दी प्रश्‍नोत्‍तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । कर्मचारियों के लिए निबन्‍ध का विषय “वर्तमान भारत की समस्‍याएं – वैज्ञानिक समाधान था । कर्मचारी वर्ग की प्रतियोगिताओं में विगत वर्षों में नवनियुक्‍त वैज्ञानिक एवं प्रशासनिक कर्मचारियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्‍सा लिया जो कि संस्‍थान में राजभाषा की प्रगति का संतोषजनक सूचक है । कर्मचारी वर्ग में हिन्‍दी भाषी समूह में श्री दीपक कुमार साहू एवं डॉ शर्मिष्‍ठा अनवर ने एवं हिन्‍दीतर भाषी समूह में श्री बी डी महालिक, श्री सी एस पट्टनायक एवं श्री देवदत्‍त साहू ने आयोजित प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन किया ।

हिन्‍दी पखवाड़ा समापन एवं पुरस्‍कार वितरण समारोह 14 सितम्‍बर, 2018 को अपराह्न 4.00 बजे संस्‍थान के सभा कक्ष में आयोजित किया गया । प्रो. शुद्धसत्‍व बसु , निदेशक ने इस समारोह की अध्‍यक्षता की । निदेशक महोदय ने मुख्‍य अतिथि डॉ पी एस ब्रह्मानंद जी का हार्दिक स्‍वागत किया और संस्‍थान में राजभाषा संबंधी विभिन्‍न गतिविधियों का उल्‍लेख किया । इस अवसर पर सभागार में उपस्थित श्रोताओं को निदेशक ने हिन्‍दी से संबंधित विभिन्‍न पहलुओं से अवगत कराया तथा कहा कि हमारे संस्‍थान में हिन्‍दी में कार्य करने के लिए सभी आधारभूत सुविधाएं उपलब्‍ध है । उन्‍होंने कहा कि कर्मचारियों में हिन्‍दी के प्रति रुझान को बढ़ाने के लिए समय समय पर हिन्‍दी संगोष्‍टी एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है । किसी भी देश के विकास के लिए भाषा का महत्‍वपूर्ण योगदान होता है क्‍योंकि मौलिक चिंतन अधिकतर मातृभाषा में ही किया जा सकता है । राजभाषा के साथ साथ अन्‍य प्रान्‍तीय भाषाओं का विकास करना भी हमारा दायित्‍व है । उन्‍होंने सभी कर्मचारियों को हिन्‍दी में अधिकाधिक कार्य करने के लिए प्रेरित किया । अध्‍यक्ष महोदय ने यह कहा कि राजभाषा नीति का अनुपालन करना हम सब का नैतिक एवं संवै‍धानिक जिम्‍मेदारी भी है ।

तदुपरांत संस्‍थान की राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति के सचिव श्री टी वेंकट राजु, हिन्‍दी अधिकारी ने वर्ष 2017 -18 की राजभाषा हिन्‍दी की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्‍तुत की । उन्‍होंने कहा कि संस्‍थान में प्राय: सभी कर्मचारियों ने हिन्‍दी का कार्यसाधक ज्ञान प्राप्‍त कर लिया है तथा हिन्‍दी में काम करने के लिए सभी आधारभूत सुविधाएं यथा द्विभाषी प्रपत्र, हिन्‍दी अग्रेषण पत्र तथा कम्‍प्‍यूटरों पर हिन्‍दी सॉफ्टवेअर की उपलब्‍धता के कारण हिन्दी में किए जा रहे कार्यों में वृद्धि हुई है । प्रशासनिक कार्यों के अतिरिक्‍त वैज्ञानिक एवं तकनीकी कार्यों में भी हिन्‍दी का प्रयोग बढ़ रहा है । परियोजना रिपोर्ट के प्राक्‍कथन को अंग्रेजी के साथ साथ हिन्‍दी में भी प्रेषित किए जा रहे हैं । संस्‍थान की वेबसाइट द्वि‍भाषिक रूप में उपलब्‍ध है । संस्‍थान के कई अनुभागों में कर्मचारीगण हिन्‍दी में मूल रूप से कार्य कर रहे हैं। संस्‍थान में किए जा रहे अनुसंधान एवं विकास कार्यों को राजभाषा हिन्‍दी में जन मानस तक पहुँचाने के उद्देश्‍य से पिछले दस वर्षों से राजभाषा प्रकोष्‍ठ द्वारा गृह पत्रिका 'अभिव्‍यक्ति' का प्रकाशन किया जा रहा है और अब तक इसके 19 अंक प्रकाशित हो चुके हैं । सदस्‍य सचिव ने सभा को यह भी सूचित किया कि पिछले 4 वर्षों से हम नियमित रूप से भुवनेश्‍वर में स्थित 7 शोध संस्‍थानों और शिक्षण संस्‍थानों के साथ मिलकर संयुक्‍त राजभाषा वैज्ञानिक संगोष्‍ठी आयोजित करते आ रहे हैं और इस वर्ष संगोष्‍ठी का शीर्षक था कौशल विकास में विज्ञान एवं तकनीकी संस्‍थानों की भूमिका ।

प्रगति विवरण की प्रस्‍तुति के उपरांत हिन्‍दी पखवाड़ा समापन एवं पुरस्‍कार वितरण समारोह के मुख्‍य अतिथि डॉ पी एस ब्रह्मानंद, प्रधान वैज्ञानिक, भा कृ अनु प – भारतीय जल प्रबंधन संस्‍थान, भुवनेश्‍वर ने अपना विचार प्रस्‍तुत किया । डॉ पी एस ब्रह्मानंद ने यह माना कि इस सदी में विज्ञान ने बहुत प्रगति की है परंतु उस गति से मानव का विकास न होना एक चिंता का विषय है । उन्‍होंने यह कहा कि हम वैज्ञानिक समुदाय को हमोशा विज्ञान तथा मानव विकास को एक साथ लेकर चलना चाहिए । उन्‍होंने अपने वक्‍तव्‍य में श्रोताओं को स्‍वामी विवेकानन्‍द के मूल्‍यवान विचारों से अवगत कराया जिसमें से प्रमुख विचार आधुनिक समाज के निर्माण से संबंधित थे । आजकल के समय में मनोवैज्ञानिक चिंताएं जो कि समाज के सभी वर्गों में परिलक्षित हैं तथा जिन्‍हें हम दा‍र्शनिक विचारों के द्वारा बहुत हद तक सुलझा जा सकते हैं । उन्‍होंने कहा कि मानव सेवा ही भगवान की सेवा होती है । मुख्‍य अतिथि ने संस्‍थान के कर्मचारियों को राजभाषा हिन्‍दी कार्य करने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्‍साहित किया तथा भारत सरकार द्वारा राजभाषा से जुड़ी सूचना जैसे राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार, अन्‍य प्रोत्‍साहन योजनाओं इत्‍यादि से अवगत कराया । गिनीज बुक्‍स ऑफ वर्ल्‍ड रिकार्ड एवं इंदिरा गॉंधी राजभाषा पुरस्‍कार से सम्‍म‍ानित डॉ ब्रह्मानंद के अभिभाषण से श्रेातागण काफी ला‍भान्वित हुए ।

मुख्‍य अतिथि डॉ पी एस ब्रह्मानंद एवं प्रो. शुद्धसत्‍व बसु, निदेशक के कर-कमलों से पुरस्‍कार विजेताओं को प्रमाणपत्र एवं पुरस्‍कार प्रदान किए गए । निदेशक महोदय ने संस्‍थान की ओर से मुख्‍य अतिथि को स्‍मृति चिह्न भेंट किया । डॉ अशोक कुमार साहु , मुख्‍य वैज्ञानिक एवं संयोजक ने सुचारू रूप से इस पखवाड़ा का आयोजन किया और उनके द्वारा धन्‍यवाद ज्ञापन के साथ समारोह सहर्ष सम्‍पन्‍न हुआ ।

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