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Hindi Fortnight Celebration, 2012 (3-14th, September, 2012)

 

खनिज एवं पदार्थ प्रौद्योगिकी संस्‍थान में हिन्‍दी पखवाड़ा समारोह – 2012

खनिज एवं पदार्थ प्रौद्योगिकी संस्‍थान के राजभाषा प्रकोष्‍ठ ने हिन्‍दी पखवाड़ा समारोह 3 से 14 सितम्‍बर, 2012 के दौरान बड़ी धूमधाम एवं राष्‍ट्रीय गरिमा के साथ मनाया । इस समारोह के आयोजन के लिए डॉ. नवीन कुमार धल, प्रधान वैज्ञानिक को संयोजक के रूप में नामित किया गया । इस पखवाड़े के दौरान संस्‍थान के कर्मचारियों एवं उनके बच्‍चों के लिए हिन्‍दी में कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गई । कर्मचारियों के बच्‍चों के लिए कविता पाठ एवं निबन्‍ध प्रतियोगिता आयोजित की गई । उपर्युक्‍त प्रतियोगिताओं में लगभग 50 बच्‍चों ने बड़े उत्‍साह के साथ भाग लिया । कर्मचारियों के लिए टिप्‍पण-प्रारूपण, राजभाषा व अनुवाद प्रतियोगिता के साथ साथ आशु भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गईं । इस वर्ष हिन्‍दी पखवाड़ा के दौरान सीएसआइआर – आइएमएमटी से संबंधित प्रश्‍नोत्‍तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। कर्मचारियों में हिन्‍दी के प्रति रुचि के साथ-साथ सीएसआइआर तथा आइएमएमटी के बारे में जागरूकता लाने के उद्देश्‍य से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । इस प्रतियोगिता का संचालन डॉ. मनीष कुमार, वैज्ञानिक ने बड़ी कुशलतापूर्वक किया तथा कर्मचारियों ने बहुत बड़ी संख्‍या में भाग लेकर भरपूर आनन्‍द उठाया । सभी प्रतियोगिताओं में पिछले वर्षों की तुलना में प्रतिभागियों की संख्‍या में बहुत वृद्धि हुई । यह बढ़ोतरी संस्‍थान में राजभाषा की प्रगति का संतोषजनक सूचक है। इस पखवाड़े के दौरान तीन व्‍याख्‍यानों का आयोजन किया गया । श्री एस के पाण्‍डेय, तकनीकी अधिकारी ने कम्‍प्‍यूटर पर हिन्‍दी में काम तथा वेबसाइट के द्विभाषीकरण एवं अनुवाद से संबंधित विषय पर अपना व्‍याख्‍यान प्रस्‍तुत किया । श्री अरुण कुमार उपाध्‍याय, भा पु से, ने हिन्‍दी भाषा और लिपि के विभिन्‍न पहलुओं से संबंधित व्‍याख्‍यान प्रस्‍तुत किया जिसकी बहुत सराहना की गई । हमारे संस्‍थान के डॉ भारत भूषण झा, मुख्‍य वैज्ञानिक ने राजभाषा नीति के कार्यान्‍वयन से संबंधित विभिन्‍न पहलुओं को बड़े ही रोचक ढ़ग से सभी कर्मचारियों को समझाया। इसी व्‍याख्‍यान के दूसरे भाग में श्री पीताम्‍बर सिंह पटेल, सहायक ने बहुत ही सुंदर एवं आकर्षक रूप में पावर पाइंट के माध्‍यम से विज्ञान के प्रसार में हिन्‍दी की भूमिका पर अपना व्‍याख्‍यान प्रस्‍तुत किया जो उपस्थित श्रोताओं को बहुत पंसद आया । पखवाड़े के दौरान विभिन्‍न प्रतियोगिताओं एवं व्‍याख्‍यानों के आयोजन में डॉ भारत भूषण झा, मुख्‍य वैज्ञानिक, डॉ मनीष कुमार, वैज्ञानिक, डॉ सत्‍यजीत रथ, वैज्ञानिक, श्री संजीव कुमार पाण्‍डेय, तकनीकी अधिकारी, श्री पीताम्‍बर सिंह पटेल, सहायक और श्री टी वेंकट राजु, हिन्‍दी अधिकारी ने विशेष योगदान दिया । राजभाषा कार्यान्‍यवन समिति हिन्‍दी पखवाड़े के आयोजन हेतु सभी कर्मचारियों को धन्‍यावाद ज्ञापित करती है। हिन्‍दी पखवाड़ा समापन समारोह एवं पुरस्‍कार वितरण समारोह 14 सितम्‍बर, 2012 को अपरान्‍ह 4.30 बजे सम्‍मेलन कक्ष में आयोजित किया गया । प्रो. बी. के. मिश्र, निदेशक ने इस समारोह की अध्‍यक्षता की । उन्‍होंने अपने अध्‍यक्षीय भाषण में राजभाषा के स्‍वरूप, इसके महत्‍व तथा इसकी नीति एवं अनुपालन के प्रति हमारी जिम्‍मेदारी का उल्‍लेख किया । पिछले वर्ष में हुई प्रगति का उल्‍लेख करते हुए उन्‍होंने कहा कि हमें कम्‍प्‍यूटरों पर उपलब्‍ध द्विभाषिक सुविधा का लाभ उठाते हुए और अधिक मात्रा में हिन्‍दी में अपने कार्य करने का प्रयास करना चाहिए । उन्‍होंने अपने सारगर्भित भाषण में विज्ञान के प्रचार एवं प्रसार में हिन्‍दी की भूमिका के महत्‍त्‍व से लोगों को अवगत कराते हुए कहा कि हमें विज्ञान को प्रयोगशाला तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए बल्कि इसे जन जन तक पहुँचाने के लिए राजभाषा हिन्‍दी का उपयोग करना चाहिए । अध्‍यक्षीय भाषण के बाद माननीय मुख्‍य अतिथि श्री अमितेन्‍द्र नाथ सिन्‍हा ,भा पु से ने अपने वक्‍तव्‍य में कहा कि भारत में हिन्‍दी सर्वाधिक लोगों के द्वारा बोली, समझी और उपयोग में लाई जाने वाली भाषा है । इसे कार्यालयीन प्रयोग के अतिरिक्‍त अपने विचारों के आदान – प्रदान के लिए उपयोग करना चाहिए, तभी इसका व्‍यापक प्रचार प्रसार होगा । वर्ष में केवल हिन्‍दी पखवाड़ा मना लेने से हिन्‍दी के उपयोग में कोई विशेष प्रगति नहीं होगी बल्कि वर्ष भर हमें हिन्‍दी को प्रयोग करना चाहिए । उन्‍होंने अपने निजी अनुभव से कहा कि हिन्‍दी जानने वाले व्‍यक्ति को भारत के किसी भी कोने में चले जाने से उसे किसी तरह की असुविधा नहीं होती है क्‍योंकि भारत के सभी प्रांतों के लोग सम्‍प्रेषण स्‍तर तक हिन्‍दी अवश्‍य ही जानते हैं । अंत में उन्‍होंने कहा कि देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली राजभाषा हिन्‍दी, वैज्ञानिक शोध कार्यों को आम जनता तक पहुँचाने के लिए सवर्था उपयुक्‍त एवं सक्षम भाषा है और इसका हमें सभी क्षेत्रों में अधिकाधिक प्रयोग करना चाहिए । तदुपरांत राजभाषा कर्यान्‍वयन समिति के सचिव श्री टी वेंकट राजु ने संस्‍थान में राजभाषा हिन्‍दी की प्रगति रिपोर्ट प्रस्‍तुत की । उन्‍होंने कहा कि संस्‍थान में हिन्‍दी में काम करने के लिए सभी आधारभूत सुविधाएं यथा द्विभाषी प्रपत्र, हिन्‍दी अग्रेषण पत्र तथा कम्‍प्‍यूटरों पर हिन्‍दी सॉफ्टवेअर की उपलब्‍धता के कारण हिन्दी में किए जा रहे कार्यों की मात्रा में वृद्धि हुई है । प्रशासन के कार्यों के अतिरिक्‍त वैज्ञानिक एवं तकनीकी कार्यों में भी हिन्‍दी का प्रयोग बढ़ रहा है । परियोजना रिपोर्ट के प्राक्‍कथन को अंग्रेजी के साथ साथ हिन्‍दी में भी प्रेषित किए जा रहे हैं । जन मानस तक, संस्‍थान में किए जा रहे अनुसंधान एवं विकास कार्यों को राजभाषा हिन्‍दी में पहुँचाने के उद्देश्‍य से पिछले चार वर्षों से राजभाषा प्रकोष्‍ठ के द्वारा गृह पत्रिका 'अभिव्‍यक्ति' का प्रकाशन किया जा रहा है और अब तक इसके सात अंक प्रकाशित हो चुके हैं । हमारे संस्‍थान के स्‍वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्‍य पर खनिज एवं पदार्थ पर केन्द्रित एक द्विभाषिक शब्‍दावली के प्रकाशन का भी प्रस्‍ताव है । मुख्‍य अतिथि श्री अमितेन्‍द्र नाथ सिन्‍हा एवं प्रो. बी. के. मिश्र, निदेशक के कर-कमलों से पुरस्‍कार विजेताओं को प्रमाणपत्र एवं नगद पुरस्‍कार प्रदान किए गए । इस समारोह का संचालन डॉ. नवीन कुमार धल, प्रधान वैज्ञानिक ने बड़ी कुशलता से किया और उनके द्वारा धन्‍यवाद ज्ञापन के साथ उपस्थित जनों के करतल ध्‍वनि के बीच यह समारोह सम्‍पन्‍न हुआ ।

 
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