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हिन्दीन कार्यशाला: राजभाषा कार्यान्वायन में डिजिटल टूल्सर के उपयोग एवं राजभाषा नीति, कार्यान्वेयन, समस्याज एवं समाधान on 5th January 2015

सीएसआइआर-खनिज एवं पदार्थ प्रौद्योगिकी संस्थाहन, भुवनेश्व‍र में राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए समय-समय पर कार्यशाला का आयो‍जन किया जाता है । इसी क्रम में दिनांक 05.01.2015 को राजभाषा कार्यान्वशयन में डिजिटल टूल्सज के उपयोग पर हिन्दीा कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया । श्री राकेश कुमार शर्मा, व उप सचिव (सेवा निवृत्तर) सीएसआइआर, मुख्या लय, नई दिल्लीस ने इस कार्यशाला एवं कार्यक्रम का संचालन किया । इस अवसर पर सीएसआइआर, मुख्या लय, नई दिल्लीस के वरिष्ठव हिन्दी अधिकारी डॉ पूरन पाल ने भी हमारे संस्थाएन में भारत सरकार की राजभाषा नीति के सफल कार्यान्यॉवन की स्थिति के निरीक्षण हेतु तथा अपने बहुमूल्यत योगदान देने के लिए कार्यशाला में भाग लिया ।

संस्थाान के निदेशक महोदय, प्रो. बी. के. मिश्र, ने कार्यशाला का उद्घाटन किया तथा मुख्या वक्तान श्री राकेश कुमार शर्मा एवं डॉ पूरनपाल का पुष्प गुच्छ् से स्वाकगत किया । तदनुपरांत निदेशक महोदय ने अपने अध्यीक्षीय भाषण में राजभाषा हिन्दीन में महत्व्िश्, इसके कार्यान्व यन के लिए प्रत्येयक कर्मचारी का उत्तारदायित्वल आदि के बारे में विस्ता‍र से चर्चा की तथा साल 2013 में हुये संसदीय समिति के निरीक्षण के उपरांत संस्था न में विभिन्न् क्षेत्रों में राजभाषा हिन्दी1 में हुई प्रगति से सभी उपस्थित जनों को अवगत कराया।

कार्यशाला के प्रथम सत्र में मुख्या लय के डॉ पूरन पाल, वरिष्ठे हिन्दीो अधिकारी ने भारत सरकार की राजभाषा नीति की विभिन्न् धाराओं का विस्तासर से उल्ले‍ख किया । साथ ही साथ राजभाषा कार्यान्वकयन में आने वाली व्याववहारिक समस्याेओं का उल्ले।ख किया तथा उनके निराकरण के लिये मार्गदर्शन भी किया । संसदीय राजभाषा समिति के निरीक्षण के संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श भी किया गया तथा हिन्दी के प्रगामी प्रयोग के लिए प्रत्येाक कर्मचारी अपने अपने स्त र पर किस तरह योगदान दे सकता है इस विषय पर उन्होंोने विस्ता‍र से उपस्थित प्रतिभागियों को समझाया । प्रतिभागीगण भी अपनी अपनी समस्याेओं के निराकरण के लिए डॉ पूरनपाल से परिचर्चा की ।

कार्यशाला के द्वितीय सत्र में श्री राकेश कुमार शर्मा, मुख्य वक्ताह ने राजभाषा कार्यान्व यन में डिजिटल टूल्सा के उपयोग कर विस्तृअत व्यायख्या न प्रस्तु त करते हुए कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य प्रयोजन प्रतिभागियों को कम्यूोग कटर पर हिन्दीव में काम करने में सक्षम करना है तथा उन्होंने विश्वांस जताया कि प्रशिक्षण उपरांत सभी लोग हिन्दीत में काम करने लगेंगे । उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला के बाद सबसे बड़ी बात यह है कि हिन्दी में काम करने के लिए हिन्दीउ टंकण के बारे मे कोई जानकरी न होना कोई अक्षमता नहीं रह जाती है ।

श्री राकेश कुमार शर्मा जी ने इस कार्यशाला में संघ की राजभाषा नीति और कार्यालय पद्धति, डिजिटल हिन्दीा टूल्सम की जानकारी, डिजिटल टूल्सक द्वारा राजभाषा का अभ्यामस और टेम्पिलेट्स के द्वारा कार्यलय में कार्य निष्पांदन का अभ्या स एवं प्रतिभागियों को इससे जुड़ी समस्यााओं का निदान विषयक चार विषयों पर प्रति‍भागियों को प्रशिक्षित किया । इस कार्यशाला में कुल संस्थान के 160 कर्मचारियों (वैज्ञानिक, तकनीकी एवं प्रशासनिक) ने भाग लिया ।

शमध्याउह्न अवकाश के बाद प्रतिभागियों को कम्यूानी टर पर हिन्दीक में टंकण का अभ्यासस कराया गया । सभी प्रतिभागी ने यह महसूस किया कि कम्यू्व टर पर हिन्दीम में काम करना आसान है और इसके लिए हिन्दी टंकण की जानकारी आवश्यकक नहीं है । थोड़ी देर में प्राय: सभी प्रतिभागियों ने हिन्दी में मेल भेजना भी सीख गए । इसके बाद मानक टेम्प़लेट्स की सहायता से हिन्दी में टिप्पेण एवं प्रारूपण का अभ्यादस कराया गया । सभी प्रतिभागियों ने एक मत से यह स्वी्कार किया कि हिन्दी‍ में कम्पूकयटर पर काम करना केवल आसान ही नहीं बल्कि इससे उनके रोजमर्रा के काम का निष्पालदन बहुत आसानी से संभव है ।

अंत में संस्था्न के श्री पी के राय, प्रशासन नियंत्रक ने मुख्यम वक्ताम एवं मुख्यायलय के वरिष्ठं हिन्दीथ अधिकारी को स्मृयति चिह्न भेंट किया और डॉ मनीष कुमार, वैज्ञानिक एवं सदस्यठ रा का स के धन्यीवाद ज्ञापन से एक दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम सफल रूप से सम्प्न्न हुआ ।

 
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