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News & Events » खनिज एवं पदार्थ प्रौद्योगिकी संस्था न में हिन्दी पखवाड़ा समारोह -2014


खनिज एवं पदार्थ प्रौद्योगिकी संस्था न में हिन्दी पखवाड़ा समारोह 1 से 15 सितम्बार, 2014

खनिज एवं पदार्थ प्रौद्योगिकी संस्था्न के राजभाषा प्रकोष्ठत ने हिन्दीब पखवाड़ा समारोह 1 से 15 सितम्बंर, 2014 के दौरान बड़ी धूमधाम एवं राष्ट्री य गरिमा के साथ मनाया । इस समारोह के आयोजन के लिए डॉ. आर. सक्तिवेल, वैज्ञानिक को संयोजक के रूप में नामित किया गया । इस पखवाड़े के दौरान संस्थाान के कर्मचारियों एवं उनके बच्चों1 के लिए हिन्दी में कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गई । कर्मचारियों के बच्चों के लिए कविता पाठ एवं निबन्धद प्रतियोगिता आयोजित की गई । उपर्युक्त प्रतियोगिताओं में लगभग 60 बच्चों् ने बड़े उत्सााह के साथ भाग लिया ।

कर्मचारियों के लिए निबंध प्रतियोगिता, राजभाषा व टिप्पुण-प्रारूपण प्रतियोगिता, आशु भाषण प्रतियोगिता एवं हिन्दी् कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । सभी प्रतियोगिताओं में पिछले वर्षों की तुलना में प्रतिभागियों की संख्याो में बहुत वृद्धि हुई । यह बढ़ोतरी संस्थाान में राजभाषा की प्रगति का संतोषजनक सूचक है।

इस पखवाड़े के आयोजन के क्रम में हमने पॉंच व्याषख्याननों का आयोजन किया । पहले व्याखख्यानन में डा डी पी दास, वैज्ञानिक ने बड़े ही रोचक ढंग से ध्व नि प्रदूषण एवं नियंत्रण पर व्यायख्यांन प्रस्तुकत किया । श्री एस के पाण्डे्य, तकनीकी अधिकारी ने वेबसाइट को द्विभाषिक रूप में अद्यतन करने में सहकर्मियों का योगदान, मशीनी अनुवाद तथा लिप्यांवतरण से संबंधित विषय पर अपना व्यायख्यामन प्रस्तु त किया । डॉ नीलोत्पतला प्रधान, वैज्ञानिक ने अपने शोध क्षेत्र से संबंधित सूक्ष्म‍ शैवाल का जैव प्रौद्योगिकी महत्व् पर प्रकाश डाला। इसके बाद डॉ सत्यसजीत रथ, वैज्ञानिक ने ग्लोरबल पोजिशनिंग सिस्टम से सभी उपस्थित श्रोताओं को परिचित कराया और अंत में डॉ मनीष कुमार, वैज्ञानिक ने पर्यावरण प्रदूषण मूल्यांदकन तथा उड़न राख के विषय में विस्ताुर से अपने विचार प्रस्तुपत किया ।

हिन्दीा पखवाड़ा समापन समारोह एवं पुरस्काजर वितरण समारोह 15 सितम्बहर, 2014 को अपरान्हन 4.30 बजे सम्मेसलन कक्ष में आयोजित किया गया । प्रो. बी. के. मिश्र, निदेशक ने इस समारोह की अध्य0क्षता की । उन्होंलने अपने अध्ययक्षीय भाषण में राजभाषा के स्वेरूप, इसके महत्व् तथा इसकी नीति एवं अनुपालन के प्रति हमारी जिम्मेादारी का उल्ले ख किया । पिछले वर्ष में हुई प्रगति का उल्ले ख करते हुए उन्होंपने कहा कि हमें कम्यूमेदाटरों पर उपलब्ध द्विभाषिक सुविधा का लाभ उठाते हुए और अधिक मात्रा में हिन्दीो में अपने कार्य करने का प्रयास करना चाहिए विशेष कर हिन्दी पत्राचार में क्योंोकि संसदीय राजभाषा समिति इस विषय पर विशेष बल देती है । संस्था न के प्रशासन नियंत्रक श्री पी. के.राय, ने राजभाषा हिन्दीय की संवैधानिक प्रावधानों पर विस्ताथर से चर्चा की तथा संस्थासन के सभी कर्मचारियों से हिन्दीय में अधिकाधिक कार्य करने के लिए आह्वान किया । उन्हों ने अपने सारगर्भित भाषण में विज्ञान के प्रचार एवं प्रसार में हिन्दी् की भूमिका के महत्व्ंन से लोगों को अवगत कराते हुए कहा कि हमें विज्ञान को प्रयोगशाला तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए बल्कि इसे जन जन तक पहुँचाने के लिए राजभाषा हिन्दीा का उपयोग करना चाहिए ।

अध्य क्षीय भाषण के बाद माननीय मुख्या अतिथि श्रीमती सविता दास, प्रकाशन, विश्वहमुक्ति पत्रिका ने कहा कि हिन्दीध एक सर्वग्राह्य भाषा है और इसे भारत के सभी प्रांतो के लोग इसे आसानी से समझ जाते हैं । इसे कार्यालयीन प्रयोग के अतिरिक्ता अपने विचारों के आदान – प्रदान के लिए उपयोग करना चाहिए, तभी इसका व्या पक प्रचार प्रसार होगा । विदेशों में भी हिन्दी् का बहुत तेजी से प्रचार-प्रसार हो रहा है और हिन्दीप अंतरराष्ट्रीाय भाषा का स्वंरूप ग्रहण कर ली है । अंत में उन्हों ने कहा कि देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली राजभाषा हिन्दीू, वैज्ञानिक शोध कार्यों को आम जनता तक पहुँचाने के लिए सवर्था उपयुक्त् एवं सक्षम भाषा है और इसका हमें सभी क्षेत्रों में अधिकाधिक प्रयोग करना चाहिए ।

तदुपरांत राजभाषा कर्यान्वुयन समिति के सचिव श्री टी वेंकट राजु ने संस्था्न में राजभाषा हिन्दीष की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुवत की । उन्हों ने कहा कि संस्थाोन में हिन्दीप में काम करने के लिए सभी आधारभूत सुविधाएं यथा द्विभाषी प्रपत्र, हिन्दीे अग्रेषण पत्र तथा कम्यूके टरों पर हिन्दीि सॉफ्टवेअर की उपलब्धेता के कारण हिन्दी में किए जा रहे कार्यों की मात्रा में वृद्धि हुई है । प्रशासन के कार्यों के अतिरिक्त वैज्ञानिक एवं तकनीकी कार्यों में भी हिन्दी का प्रयोग बढ़ रहा है । परियोजना रिपोर्ट के प्राक्कबथन को अंग्रेजी के साथ साथ हिन्दी में भी प्रेषित किए जा रहे हैं । जन मानस तक, संस्थावन में किए जा रहे अनुसंधान एवं विकास कार्यों को राजभाषा हिन्दी में पहुँचाने के उद्देश्यै से पिछले पॉंच वर्षों से राजभाषा प्रकोष्ठस द्वारा गृह पत्रिका 'अभिव्य क्ति' का प्रकाशन किया जा रहा है और अब तक इसके 11 अंक प्रकाशित हो चुके हैं ।

मुख्यि अतिथि श्रीमती सविता दास एवं प्रो. बी. के. मिश्र, निदेशक के कर-कमलों से पुरस्कायर विजेताओं को प्रमाणपत्र एवं नगद पुरस्का्र प्रदान किए गए । इस समारोह का संचालन डॉ आर सक्तिवेल, वैज्ञानिक ने बड़ी कुशलता से किया और उनके द्वारा धन्य वाद ज्ञापन के साथ उपस्थित जनों के करतल ध्वरनि के बीच समारोह सम्प न्नन हुआ ।

 
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